'जज साहब, शीशा नीचे कीजिए…अनंत सिंह का इलाका है':मंत्री की बात चुभी तो हराया, सूरजभान से बदला लिया, जानिए कैसे राजनीति में आए
साल 1990 का वक्त। पटना में तैनात डिस्ट्रिक्ट जज किसी काम से पटना जिले के बाढ़ कस्बे के पास नदवां गांव जा रहे थे। बाढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे, जहां पहले से ही सरकारी गाड़ी उनका इंतजार कर रही थी। जज साहब गाड़ी में बैठ गए और नदवां की ओर चल पड़े। गाड़ी नदवां पहुंचने ही वाली थी कि ड्राइवर ने कहा, ‘जज साहब, गाड़ी का शीशा नीचे कर लीजिए…आगे चेकिंग होगी।’ जज साहब सोच में पड़ गए और बोले, ‘डिस्ट्रिक्…
साल 1990 का वक्त। पटना में तैनात डिस्ट्रिक्ट जज किसी काम से पटना जिले के बाढ़ कस्बे के पास नदवां गांव जा रहे थे। बाढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे, जहां पहले से ही सरकारी गाड़ी उनका इंतजार कर रही थी। जज साहब गाड़ी में बैठ गए और नदवां की ओर चल पड़े। गाड़ी नदवां पहुंचने ही वाली थी कि ड्राइवर ने कहा, ‘जज साहब, गाड़ी का शीशा नीचे कर लीजिए…आगे चेकिंग होगी।’ जज साहब सोच में पड़ गए और बोले, ‘डिस्ट्रिक्…







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