ट्रिपल एनकाउंटर, मनेर में दहशत के 3 घंटे:40 राउंड फायरिंग, गोलियों की आवाज से टूटी नींद, युवक बोला- पेड़ के नीचे तीन लाशें पड़ी थीं
‘सुबह 3 बजे मैं खाना बनाने के लिए उठी थी। कुछ देर बाद गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। लगा जैसे कोई पटाखा फोड़ रहा हो। रुक-रुक कर गोली चलने की आवाज आ रही थी। डर के मारे हम लोग अपनी झोपड़ी में दुबके हुए थे। उजाला हुआ तो बाहर आए। देखा कि हर ओर पुलिस वाले हैं। पीपल के पेड़ के पास तीन लाशें पड़ीं थी, पुलिस वाले उन्हें उठा रहे थे, पूरे गांव में दहशत थी। कोई भी वहां जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।’ ये द…
‘सुबह 3 बजे मैं खाना बनाने के लिए उठी थी। कुछ देर बाद गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। लगा जैसे कोई पटाखा फोड़ रहा हो। रुक-रुक कर गोली चलने की आवाज आ रही थी। डर के मारे हम लोग अपनी झोपड़ी में दुबके हुए थे। उजाला हुआ तो बाहर आए। देखा कि हर ओर पुलिस वाले हैं। पीपल के पेड़ के पास तीन लाशें पड़ीं थी, पुलिस वाले उन्हें उठा रहे थे, पूरे गांव में दहशत थी। कोई भी वहां जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।’ ये द…







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