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केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने पेयजल संकट को लेकर जिलाधिकारी उधम सिंह नगर युगल किशोर पंत को पत्र लिखकर पेयजल समस्या के निदान के लिए पेयजल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए निर्देशित किया

केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने पेयजल संकट को लेकर जिलाधिकारी उधम सिंह नगर युगल किशोर पंत को पत्र लिखकर पेयजल समस्या के निदान के लिए पेयजल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए निर्देशित किया .

उधम सिंह नगर- केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने पेयजल संकट को लेकर जिलाधिकारी उधम सिंह नगर युगल किशोर पंत को पत्र लिखकर पेयजल समस्या के निदान के लिए पेयजल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए निर्देशित किया है। श्री भट्ट ने कहा है कि मनरेगा के माध्यम से जल संकट के समाधान के लिए सूख रहे स्रोतो, नालो, तालाबो और नौलों उनको पुनर्जीवित करने का कार्य किया जाए।


ग्रीष्म ऋतु में लगातार बढ़ रहे पेयजल संकट को देखते हुए केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी युगल किशोर पंत को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन विशन और हर घर में नल एवं हर नल में जल योजना से प्रत्येक परिवार को स्वच्छ जल आपूर्ति की जा रही है। श्री भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने भविष्य में जल संकट का पूर्वाभास करते हुए एक एक बूंद जल बचाने का संकल्प लिया है लिहाजा प्राकृतिक स्रोतों को पुनर्जीवित जाल, खाल, तालाब बनाकर छोटी-छोटी नदियों को रिचार्ज करने के सभी प्रकार के सक्षम उपाय किए जाएं।

श्री भट्ट ने जिलाधिकारी उधम सिंह नगर से कहा है कि उधम सिंह नगर जिला आकांक्षी जिला है जिसमें बड़े पैमाने पर कुवे, नदी एवं तालाब हैं जो कि लगातार सूख रहे हैं और कुछ पूरी तरह सूख चुके हैं। जिनको पुनर्जीवित करना आज की परिस्थिति में बेहद आवश्यक है। तथा जहां-जहां ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में प्राकृतिक स्रोत हैं उन को पुनर्जीवित करने के लिए मनरेगा द्वारा सभी सक्षम एवं जरूरी उपाय किए जाने आवश्यक हैं जिसमे नाले, तालाब , कुएं, जलाशय को प्राकृतिक रूप से पुनर्जीवित करना सम्मिलित है। जिससे पेयजल संकट का सुगमता से मुकाबला किया जा सके। कुछ नए स्थानों पर तालाब बनाने भी आवश्यक है

श्री भट्ट ने जिला अधिकारी को निर्देशित किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की मंशा के अनुरूप भविष्य में जल संकट के समाधान के लिए सूख रहे जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए तत्काल योजना बनाई जाए। जिससे कि भविष्य में जल संकट से निजात मिल सके।

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