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नेकी : कोरोना मरीजों को मुफ्त में अस्पताल पहुंचाती हैं 'एंबुलेंस वाली दीदी', लोग कर रहे सलाम

नई दिल्ली : कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन, दवाइयों की कालाबाजारी जैसी खबरें सामने आ रही हैं. इस गंभीर परिस्थिति में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दिन-रात लोगों की सेवा में लगे हैं. इनमें एक ऐसी महिला भी हैं जिसे देश की पहली महिला एंबुलेंस चालक का गौरव हासिल है. दिल्ली में पिछले 20 सालों से एंबुलेंस सर्विस दे रहीं ट्विंकल कालिया इन दिनों कोरोना मरीज और उनके परिजनों की मदद कर रही हैं.

दिल्ली-एनसीआर में कोरोना मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ट्विंकल ने अपनी एंबुलेंस सर्विस को फ्री कर दिया है. कालिया के मुताबिक रोजाना एंबुलेंस के लिए उनके पास करीब 200 कॉल आती हैं और उनकी कोशिश रहती है कि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की मदद हो सके. बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि अभी तक उनके पास  35 से 40 ऐसे लोगों की रिक्वेस्ट आ चुकी है, जहां पर कोरोना से मरे व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं था. इसलिए ऐसे मृत लोगों का अंतिम संस्कार ट्विंकल ने अपने पति की सहायता से किया.

अब तक कई लोगों का कर चुकीं हैं अंतिम संस्कार

ऐसी ही एक कॉल 28 तारीख को दिल्ली के प्रताप नगर से इनके पास आई. एक शव जो पिछले 2 दिनों से पलंग पर पड़ा हुआ था, उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा था. परिवार में किसी ने वीडियो बना कर भेजा तो ट्विंकल और उनके पति वहां पहुंचे और शव को दूसरी मंजिल से नीचे उतारा. फिर शमशान ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया. ट्विंकल के अनुसार वो ऐसे कम से कम 35 से 40 शवों का अंतिम संस्कार कर चुकी हैं.

कोरोना के कारण बढ़ गया है काम

ट्विंकल के अनुसार अभी कोरोना महामारी के चलते काम बढ़ गया है. ट्विंकल कालिया अपने NGO शहीद भगत सिंह केयर & हेल्प के माध्यम से सेवा कार्य करती हैं. अभी उनके पास 12 एंबुलेंस हैं, जो पूरे दिल्ली- NCR में चलती है, लेकिन अभी वर्क प्रेशर के चलते उनकी एंबुलेंस सर्विस नॉर्थ दिल्ली में ही मिल पा रही हैं. हालात ये भी है कि इनमें से कुछ एंबुलेंस में पेट्रोल डलवाने के लिए पैसे नहीं हैं. कभी कभी ड्राइवर उपलब्ध ना होने पर कालिया खुद एंबुलेंस ड्राइव करके कोरोना पीड़ितों की सहायता करती हैं.

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