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सरवती देवी मैमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ रेनू शरण ने मनाया प्रकृति प्रेम का प्रतीक हरेला

सरवती देवी मैमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ रेनू शरण ने मनाया प्रकृति प्रेम का प्रतीक हरेला .

 

 

सर्व प्रथम शिव पार्वती जी की प्रतिमा पर दीपप्रज्वलित किया और सभी सम्मानित जन ने पूजा अर्चना की गौरी,शंकर के भजनों के साथ नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम किया ।प्रतिभागियों को डॉ रेनू शरण ने भेंटस्वरूप पुरुस्कार देकर सम्मानित किया ।सभी सम्मानीत जन के समक्ष अपने शब्दों में डॉ रेनू शरण ने कहा कि श्रावण मास में मनाये जाने वाला कुमाऊँ म़ें त्यौहार की तरह मनाया जाने वाले हरेला पर्व का  विशेष महत्व है।इस दिन 10, 12दिन पहले मिट्टी के पात्र में मिट्टी की क्यारी बना कर धान,मक्का, उरद,इत्यादि बर्षा काल में उत्पन्न होने वाले अन्न बोया जाता है।इसे धूप में नहीं रखा जाता इसे हरियाला या हरेला कहते है।इस दिन गौरी शंकर, गणेशजी, कार्तिकेय आदि की मूर्ति बना कर इन को विधि विधान से स्थापित कर इनकी पूजा अर्चना धूप दीप मिष्ठान, फलफूल पकवानों से पूजन किया जाता है। तथा घर के सभी बडो़ं को कान में हरेला लगाया और आशिर्वाद लेते है ।बहनबेटियां तिलक लगाकर हरेला कानपर,सिर पर रखकर आशीर्वाद देते समय स्थानीय मन्त्रोचारण करती है।
जी रये,जाग रये गाया जाता है।
लाग् हरेला ,लाग दशे,लाग बगवाला
जी रये,जागी रये,धरती जस आगव,आकार जसचावक है जये
सूर जस तराण हो,स्यावे जसि बुद्धि हो
दूब जस फलिये,सिल पिसी भात खाये,जांठि टेकि झाड़ जाये।
इस शुभ अवसर पर ट्रस्ट  सचिव धीरज शरण,अल्का रस्तौगी,काजल खत्री,भावना जोशी, चिराग जोशी, करण जोशी,पुष्पा,कृष्णा वर्मा, हरीश, सुमनवर्मा,अनुराधा,,और सभी टीम के सम्मानित जन ने पूजा अर्चना की पौधा रोपण किया, तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में मनाया हरेला के पावन पर्व पर सभी को शुभकामनायें दी।

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