Place ad here
वैक्सीन अपडेट

वैक्सीन अपडेट पीएम मोदी ने कोवैक्सीन पर देश से झूठ बोला या भारतीयों में भेद कर रहा अमेरिका? सोशल मीडिया पर उठा सवालों का बवंडर

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय अमेरिका दौरे के लिए आज रवाना हो गए। रवानगी से पहले पीएम मोदी ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी। उनके अमेरिका रवाना होने के साथ ही सोशल मीडिया पर सवालों का बवंडर उठ गया। कोई पीएम को लेकर ये कह रहा है कि उन्होंने देश से झूठ बोला तो कोई अमेरिकी की नीतियों पर सवाल उठाने लगा। हम आपको बताते हैं कि आखिरकार मसला क्या है।

 

पीएम मोदी का अमेरिका दौरा

टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण का आगाज एक मार्च से हुआ था। पीएम मोदी ने सुबह-सुबह एम्‍स पहुंचकर भारत बायोटेक की स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन लगवाई थी। अमेरिका ने कोवैक्सीन को मान्यता नहीं दी। ऐसे में अब लोग ये सवाल उठा रहे हैं कि जब पीएम मोदी ने कोवैक्सीन लगवाई है और अमेरिका ने उसको मान्यता नहीं दी तो फिर पीएम मोदी कैसे अमेरिका जा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर सवालों का बवंडर सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई है। पीएम मोदी के अमेरिका रवानगी के साथ ही सवाल उठने लगा कि क्या पीएम मोदी ने कोवैक्सीन ही लगवाई है। अरमान नाम के यूजर्स ने खुद के बायो में कांग्रेस कार्यकर्ता लिखा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि क्या पीएम मोदी ने सच में को-वैक्सीन ली है? अमेरिका ने सिर्फ उन लोगों को देश में आने की अनुमति दी है, जिसने डब्ल्यूएचओ से अप्रूव वैक्सीन ली हो। मोदी केवल अमेरिका की यात्रा तब कर सकते हैं जब तक कि उन्होंने कोविशील्ड या फाइजर ली हो। तो क्या मोदी ने भारत को फिर से बेवकूफ बनाया?

अमेरिका की नीति पर सवाल रिया नाम की एक और यूजर्स सवाल करती हुई लिखती हैं कि मुझे आश्चर्य है कि क्या पीएम मोदी ने कोवैक्सीन नहीं ली। अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को टैग करके सवाल पूछा है कि ये अमेरिका की भेदभाव वाली नीति है। अगर पीएम मोदी कोवैक्सीन लेकर अमेरिका में एंट्री कर सकते हैं तो बाकी भारतीय क्यों नहीं? ऐसे और भी तमाम यूजर्स ने अमेरिका पर ही सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ये भेदभावपूर्ण नीति है। 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने जानकारी देते हुए कहा था कि 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी रिफॉर्म को लेकर स्पष्ट बात कर सकते हैं। ऐसे समय जब भारत आजादी की 75वीं साल मना रहा है, वह यूएन में अपनी भागीदारी बढ़ाने और इसमें जरूरी बदलाव को लेकर अपना पक्ष रख सकता है। इसके अलावा अफगानिस्तान-पाकिस्तान गठजोड़ से जुड़ी चिंताओं पर भी पीएम अपनी बात रखेंगे। भारत ने कहा है कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इंगलैंड के गठजोड़ का क्वाड देशों पर कोई असर नहीं होगा। इस नए गठजोड़ को 'ऑकस' नाम दिया गया है।

130

LEAVE A COMMENT

Comment