Place ad here
खास खबर

खास खबर जेआईई इंटरनेशनल स्कूल में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन

“जल है तो कल है”, बावजूद इसके जल बेवजह बर्बाद किया जाता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जल-संकट का समाधान जल के संरक्षण से ही है।  जल के बिना सुनहरे कल की कल्पना नहीं की जा सकती, जीवन के सभी कार्यों का निष्पादन करने के लिये जल की आवश्यकता होती है। धरती का लगभग तीन चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है, किन्तु इसमें से 97% पानी खारा है जो पीने योग्य नहीं है, पीने योग्य पानी की मात्रा सिर्फ 3% है। इसमें भी 2% पानी ग्लेशियर एवं बर्फ के रूप में है। इस प्रकार सही मायने में मात्र 1% पानी ही मानव के उपयोग हेतु उपलब्ध है। छोटे बच्चों को जल का महत्व समझाने के लिए रुद्रपुर के जेआईई इंटरनेशनल स्कूल में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया जहां पर प्रसिद्ध युवा वैज्ञानिक डॉ. मणिन्द्र मोहन एवं उनकी टीम मैम्बर श्रुति जोशी व अर्जुन वत्स ने बच्चों को जल के महत्व एवं उसके संरक्षण के बारे में बताया साथ ही साथ पानी की गुणवत्ता को परखने के लिए बच्चों को वैज्ञानिक तरीके भी सिखाए।  प्रसिद्ध साइंटिस्ट मनिंदर मोहन का कहना था की भविष्य में जल  के संरक्षण लिए बच्चों को यह समझाना होगा कि पानी मानव के लिए कितना जरूरी है। किस कारण तेजी से जल संकट हो रहा है। उनको यह भी बताना होगा कि जल का स्रोत कैसे खत्म हो रहा है। उसे बचाने के लिए हमें क्या प्रयास करना चाहिए। हमारे लिए कितना जरूरी है। उसके संरक्षण के लिए हमें क्या करना चाहिए। अपने दिनचर्या में हम कैसे बदलाव कर पानी बचा सकते हैं। स्कूल एवं घर में पानी बचाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए।  स्कूल के निदेशक राजेश सिंह एवं सुनीता सिंह कहा कि डा. मणिन्द्र उत्कृष्ट शोध कार्यों के लिए दो बार युवा वैज्ञानिक पुरस्कार एवं एक बार नेशनल इंस्पिरेशन अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं। और वह बहुत भाग्यशाली हैं कि ऐसे वैज्ञानिक उनके स्कूलों में बच्चों का मार्गदर्शन प्रदान करने आए हैं उन्होंने सभी वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया एवं उन्हें प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

1213

LEAVE A COMMENT

Comment