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कोटपूतली में कांग्रेस का महासंग्राम : हजारों कार्यकर्ताओं ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

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कोटपूतली में कांग्रेस का महासंग्राम : हजारों कार्यकर्ताओं ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

कोटपूतली में कांग्रेस का महासंग्राम : हजारों कार्यकर्ताओं ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग


वोट चोरी के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस, जिलाध्यक्ष इंद्राज गुर्जर बोले :- तानाशाह भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू


आशीष मित्तल कोटपूतली, 29 सितंबर 2026


अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर मंगलवार को जिला मुख्यालय कोटपूतली में विशाल जनाक्रोश प्रदर्शन देखा गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार जिलाध्यक्ष इंद्राज गुर्जर के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर भाजपा सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत नगर परिषद पार्क स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टैच्यू के सामने आयोजित एक विशाल धरने से हुई। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष इंद्राज गुर्जर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। गुर्जर ने कहा कि आज उमड़ा यह जन-सैलाब इस बात की गवाही दे रहा है कि लोकतंत्र विरोधी, तानाशाह भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। एसआईआर की आड़ में वोटों की चोरी और स्थानीय नगर निकाय चुनावों में डबल इंजन की भ्रष्ट सरकार की बेईमानी के खिलाफ आम जनता और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता के वोट पर डाका डालने वालों के खिलाफ कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत से लड़ेगी।


कांग्रेस नेताओं ने लगाये आरोप :- धरने को संबोधित करते हुये पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाणा, मुंडावर विधायक ललित यादव, बहरोड़ से कांग्रेस प्रत्याशी रहे संजय यादव व डॉ. आर.सी. यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर बेहद गंभीर आरोप लगाये। कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारत के साथ देशद्रोह किया है, उन्हें तत्काल बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाना चाहियें। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त भाजपा और आरएसएस के एजेंट बनकर लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं और जनादेश को लूट रहे हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा और उन्हें महाभियोग का सामना करना ही होगा।


पैदल मार्च निकालकर जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन :- धरने के बाद हजारों कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल नारेबाजी करता हुआ पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। जिलाध्यक्ष इंद्राज गुर्जर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान निकाय चुनाव में हुई बेईमानी, मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ी, एसआईआर और जनादेश चोरी जैसे गंभीर मुद्दों को जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने प्रमुखता से रखा गया।


प्रैस वार्ता में सरकार को घेरा :- प्रैस वार्ता को संबोधित करते हुये जिलाध्यक्ष इंद्राज गुर्जर ने कहा कि यह अहंकारी और भ्रष्ट भाजपा सरकार सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का षड्यंत्र रच रही है। नगर निकायों के बाद अब पंचायती राज चुनावों में भी अपनी मर्जी की सरकार बनाने के लिए जनादेश की चोरी की जा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि भाजपा सरकार के पास जनहित की कोई नीति नहीं है। विकास के जो काम पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत हुए थे, यह सरकार द्वेषपूर्ण भावना के कारण उन्हें रोक रही है। जनता इन्हें अपनी समस्याओं को लेकर याद कर रही है, लेकिन ये सिर्फ चुनावी जोड़-तोड़ में व्यस्त हैं। लोकतंत्र की मर्यादा को तार-तार करने वाली इस कार्यशैली का जनता आने वाले चुनावों में करारा जवाब देगी। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना ने कहा कि क्षेत्र के गरीब किसान, नौजवान और आम आदमी मौजूदा सरकार की दमनकारी और तानाशाही नीतियों से पूरी तरह परेशान हैं। प्रशासनिक मशीनरी का खुलकर राजनीतिकरण किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता आम जनता के हक और सम्मान के लिए सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे। हम इस तानाशाही के खिलाफ आर-पार की जंग लड़ेंगे और सरकार की हर जनविरोधी नीति का पुरजोर विरोध करेंगे। प्रदर्शन में पीसीसी महासचिव देव कसाना, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामनिवास यादव, कांग्रेस नेता भीम पटेल, कांग्रेस नेता छीतर रावत, कांग्रेस नेता सांवत गुर्जर, डीसीसी महासचिव प्रदीप गुर्जर, पर्यावरण प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह लीडर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश चंद सैनी, पीसीसी सचिव जगदीश मीणा, कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव डॉ. अभिलाष मीणा, कांग्रेस एससी विभाग जिलाध्यक्ष तारा पूतली, अल्पसंख्यक विभाग जिलाध्यक्ष मुन्नानुदीन कुरैशी, प्रधान सुमन यादव, रमेश गुप्ता, किसान नेता बी एल कसाना, जगमाल सिंह यादव, पार्षद नाहरसिंह पायला, गोकुल आर्य, रोशन धनकड़, अंजना महिपाल यादव, प्रदीप यादव, डॉ. धर्मपाल रावत, रमेश जिंदल, शीशराम दायमा, ब्लॉक कांग्रेस नारेहड़ा के अध्यक्ष सतीश निमोरिया, सतीश मांडैया, पवन गुर्जर, सचिन रावत, सुन्दर सैनी, इन्द्राज सैनी, पवन सैनी, मुकेश मुक्कड़, सागर दहिया, शीशराम डोई समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहें।


भारी मात्रा में पुलिस जाप्ता रहा तैनात :- इस दौरान एएसपी नीमराणा सुरेश खिंची, साईबर सैल डीएसपी निर्मला पांडैया, कोटपूतली एसएचओ कृष्ण कुमार, सरूण्ड एसएचओ यशपाल सिंह, यातायात थाना प्रभारी राजेश शर्मा समेत भारी मात्रा में पुलिस जाप्ता तैनात रहा।


क्या है पूरा मामला :- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी पत्र के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के भीतर से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ हैं। आरोप है कि पिछले 10 महीनों के दौरान दो निर्वाचन आयुक्तों (विवेक जोशी एवं सुखबीर सिंह संधू) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए एकतरफा निर्णयों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर आयोग को एक व्यक्ति के नियंत्रण वाली व्यवस्था के रूप में चलाने का आरोप है। विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया, जिसमें नए मतदाताओं को जोड़ना और नामों को हटाना शामिल है, उसमें दोनों निर्वाचन आयुक्तों को अंधेरे में रखा गया। राज्यों के अधिकारियों को दरकिनार करते हुए निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली को दिल्ली में केंद्रित किया गया, जिससे व्यापक चुनावी अनियमितताओं की आशंका जताई गई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस रुख को सही बताया गया है जिसमें उन्होंने पहले ही बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे ’वोट चोरी अभियान’ के खिलाफ आवाज उठाई थी।

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