सरसंघचालक मोहन भागवत का संदेश: सत्ता परिवर्तन का भ्रम और राष्ट्र की आंतरिक स्थिरता
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नागपुर में संघ के शताब्दी वर्ष के ऐतिहासिक विजयदशमी उत्सव (20 अक्टूबर 2026) के मंच से एक ऐसा वैचारिक विमर्श देश के सामने रखा है, जो केवल तात्कालिक राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीति की गहरी समझ को रेखांकित करता है। उन्होंने समकालीन विश्व की उथल-पुथल, विशेषकर बांग्लादेश, नेपाल और पश्चिम के देशों में म…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नागपुर में संघ के शताब्दी वर्ष के ऐतिहासिक विजयदशमी उत्सव (20 अक्टूबर 2026) के मंच से एक ऐसा वैचारिक विमर्श देश के सामने रखा है, जो केवल तात्कालिक राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीति की गहरी समझ को रेखांकित करता है। उन्होंने समकालीन विश्व की उथल-पुथल, विशेषकर बांग्लादेश, नेपाल और पश्चिम के देशों में म…







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