अल्लाह की मस्जिद को भी नहीं छोड़ा, मक्का के बाद दहला डाला मदीना?
कट्टरता चाहे किसी भी विचारधारा संगठन या मजहब के नाम पर हो वो एक दिन अपना रंग दिखाई देती है। वैसे ही कुछ इन दिनों मिडिल ईस्ट में देखने को मिल रहा है। यमन के हूति विद्रोहियों ने जो किया है वो यह जाहिर करता है कि लोग अल्लाह के भी सगे नहीं यानी कि हूतियों ने अल्लाह को भी नहीं बख्शा है। दरअसल मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थलों में माने जाने वाले मक्का पर हमला करने के बाद अब हूतियों ने अल्लाह के घर को निशा…
कट्टरता चाहे किसी भी विचारधारा संगठन या मजहब के नाम पर हो वो एक दिन अपना रंग दिखाई देती है। वैसे ही कुछ इन दिनों मिडिल ईस्ट में देखने को मिल रहा है। यमन के हूति विद्रोहियों ने जो किया है वो यह जाहिर करता है कि लोग अल्लाह के भी सगे नहीं यानी कि हूतियों ने अल्लाह को भी नहीं बख्शा है। दरअसल मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थलों में माने जाने वाले मक्का पर हमला करने के बाद अब हूतियों ने अल्लाह के घर को निशा…







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