जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से मिला कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधि मंडल.
जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से मिला कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधि मंडल..........
निकाय चुनाव में पक्षपात, भेदभाव व नियमों की अवहेलना का लगाया आरोप, कलक्टर व एसपी को जमकर सुनाई खरी खोटी
कहा :- पंचायत चुनाव में किसी भी सुरत में गड़बड़ी नहीं होगी बर्दाश्त, अगर पुलिस प्रशासन ने किया भेदभाव तो होगी आर- पार की लड़ाई
आशीष मित्तल कोटपूतली, 29 सितंबर 2026
निकाय चुनाव के बाद प्रदेश भर की तरह कोटपूतली- बहरोड़ जिले की राजनीति भी गरगाई हुई है। मंगलवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेष कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किये गये जिला कलेक्ट्रेट घेराव व प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्ट्रेट परिसर में कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधि मंडल पूर्व विधायक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष इन्द्राज गुर्जर के नेतृत्व में जिला कलक्टर अर्पणा गुप्ता से मिला। इस दौरान जिलाध्यक्ष गुर्जर समेत पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुन्तला रावत, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, डीसीसी सचिव जगदीश मीणा, मुण्डावर विधायक ललित यादव आदि ने निकाय चुनाव के दौरान जिला प्रशासन द्वारा अपनाये गये रवैईये को लेकर तीखी आलोचना की। जिलाध्यक्ष गुर्जर ने प्रशासन द्वारा की गई गड़बड़ियों को गिनवाते हुये कड़े शब्दों में जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता को अपना आक्रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव अध्यक्ष के मतदान के दिन प्रशासन ने पावटा व कोटपूतली में अलग- अलग तरीके से मतदान करवाया हैं। एक और जहां पावटा में महज 200 मीटर की दूरी तय करने के लिये भाजपा विधायक के ईशारे पर तीन घुमाव दे दिये गये। साथ ही प्रशासन ने जान बुझकर एक- एक करके पार्षदों को अकेले जाने पर विवश भी किया। ताकि उन्हें बहकाया जा सके, जबकि इसके विपरित कोटपूतली में पार्षदों को बस में बैठाकर मतदान के लिये जाने दिया गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिला प्रशासन ने भाजपा व राज्य सरकार के दबाव में पक्षपात व भेदभाव पूर्ण रवैईया अपनाया हैं। इसकी जितनी आलोचना की जायें कम हैं। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना ने कहा कि इस प्रकार का भेदभाव पहली बार चुनाव में प्रशासन द्वारा अपनाया गया हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुन्तला रावत ने कहा कि यही तरीका पंचायत चुनाव में अपनाया गया तो कतई बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही कांग्रेस पार्टी व कार्यकर्ता आर पार की लड़ाई को विवश होगें। इसी प्रकार कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधि मंडल पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी पहुंचा। जहां एसपी सतवीर सिंह से मुलाकात करते हुये पुलिस की कार्यशैली की भी कड़ी आलोचना की। जिलाध्यक्ष गुर्जर ने कहा कि जान बुझकर डीएसटी के कांस्टेबल को मतदान केन्द्र पर मय मोबाईल तैनात किया गया, ताकि पार्षदों को फोन पर बरगलाया जा सके। साथ ही एक ही जाति के पुलिसकर्मियों की ड्युटी मतदान केन्द्र पर लगाई गई। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि पंचायत चुनाव में इस प्रकार का भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। अगर ऐसा हुआ तो कानून व्यवस्था भंग होने की पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।






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